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अहमदाबाद में भयंकर विमान हादसा: 279 की मौत, एक व्यक्ति चमत्कारिक रूप से बचा

अहमदाबाद, भारत — 12 जून 2025 — लंदन जा रही एयर इंडिया की बोइंग 787-8 ड्रीमलाइनर फ्लाइट AI171, 12 जून को अहमदाबाद के सरदार वल्लभभाई पटेल अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरने के कुछ ही क्षण बाद दुर्घटनाग्रस्त हो गई। विमान एक घनी आबादी वाले क्षेत्र में गिरा और बीजे मेडिकल कॉलेज के हॉस्टल से टकरा गया, जिससे जोरदार विस्फोट और आगजनी हो गई।

दुर्घटना में सैकड़ों की मौत, एक बचा

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, विमान में सवार 241 यात्रियों और चालक दल की मौत हो गई, जबकि ज़मीन पर मौजूद 38 से अधिक लोग भी हादसे का शिकार हुए। इस तरह कुल मृतकों की संख्या 279 तक पहुंच गई है, जो भारत के इतिहास की सबसे बड़ी विमान दुर्घटनाओं में से एक बन गई है।

हालांकि, इस हादसे में 40 वर्षीय विश्वेश कुमार रमेश, जो ब्रिटेन के निवासी हैं, चमत्कारिक रूप से जीवित बच गए। वह विमान की 11A सीट, यानी आपातकालीन निकास के पास बैठे थे। दुर्घटना के बाद वह दरवाजे से निकलकर खुद चलकर बाहर आ गए, जिससे उनकी जान बच गई। उन्हें मामूली चोटें आईं।

दृश्य भयावह, ज़मीन पर भारी तबाही

दोपहर 1:39 बजे, विमान उड़ान भरने के केवल 30 सेकंड बाद दुर्घटनाग्रस्त हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि तेज धमाका हुआ और पूरा इलाका धुएं से भर गया। मलबे के टुकड़े हॉस्टल के परिसर में फैल गए। मेडिकल छात्र और स्टाफ इस हादसे की चपेट में आ गए। कई इमारतों को नुकसान पहुंचा।

DNA जांच में पुष्टि हुई है कि ज़मीन पर मारे गए 38 लोगों में कई मेडिकल छात्र भी शामिल हैं। एक पीड़ित की बहन की दिल का दौरा पड़ने से भी मौत हो गई, जब वह अंतिम संस्कार की तैयारी कर रही थीं।

जांच शुरू, ब्लैक बॉक्स बरामद

भारत के विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने जांच शुरू कर दी है। अमेरिका की राष्ट्रीय परिवहन सुरक्षा बोर्ड (NTSB), बोइंग और इंजन निर्माता जनरल इलेक्ट्रिक भी जांच में शामिल हैं।

फ्लाइट डेटा रिकॉर्डर और कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर दोनों बरामद कर लिए गए हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट में संकेत मिला है कि उड़ान भरने के दौरान दोनों इंजनों ने अचानक काम करना बंद कर दिया, जिससे विमान लगभग 500 फीट की ऊंचाई पर रुक गया और फिर नीचे गिर पड़ा। यह बोइंग ड्रीमलाइनर की पहली जानलेवा दुर्घटना है।

सरकारी और एयरलाइन की प्रतिक्रिया

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने घटनास्थल का दौरा किया और एकमात्र जीवित बचे व्यक्ति से भी मुलाकात की। उन्होंने हादसे की गहन जांच के आदेश दिए हैं।

एयर इंडिया ने मृतकों के परिजनों को ₹25 लाख की तात्कालिक सहायता और टाटा समूह की ओर से ₹1 करोड़ देने की घोषणा की है। एयर इंडिया के CEO कैंपबेल विल्सन ने कहा कि पीड़ितों के परिजनों को पूरी सहायता दी जाएगी।

नागर विमानन महानिदेशालय (DGCA) ने भारत में मौजूद सभी बोइंग 787 विमानों की जांच के आदेश दे दिए हैं। एयर इंडिया के बेड़े में 22 ऐसे विमान हैं, जिनमें से 8 की जांच 36 घंटों में पूरी कर ली गई।

अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और आलोचना

ब्रिटेन सरकार ने अपनी फोरेंसिक टीम अहमदाबाद भेजी है। हालांकि, ब्रिटिश नागरिकों के कई परिजनों ने सरकार की प्रतिक्रिया को “निराशाजनक” बताया है। इस हादसे में 52 से अधिक ब्रिटिश नागरिकों की मौत की पुष्टि हुई है।

बोइंग कंपनी और अंतरराष्ट्रीय विमानन एजेंसियां भी इस हादसे को लेकर सतर्क हैं। बोइंग के शेयरों में इस घटना के बाद 5% की गिरावट आई।

पीड़ितों की पहचान और द्रुत कार्रवाई

अब तक 119 शवों की पहचान DNA जांच से हो चुकी है, जिनमें से 76 शव परिजनों को सौंपे जा चुके हैं। सेना, फायर ब्रिगेड और NDRF ने मलबा हटाने और राहत कार्यों को तेज़ी से अंजाम दिया है।

यह हादसा भारत के विमानन इतिहास में एक दर्दनाक अध्याय है। अब पूरे देश की निगाहें जांच रिपोर्ट पर हैं, जिससे भविष्य में इस तरह की त्रासदियों से बचा जा सके।

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